"रांझना with सफर-26

 

सच जो छुपाया नहीं जा सकता था

साहिल ने आन्या को अपनी गोद में उठाया और रीतिका के साथ नीचे जाने लगा।

नीचे फादर एंथनी और अघोरानंद बैठे थे।

कमरे का माहौल अब भी भारी था। रात जो कुछ हुआ था, उसने सभी को झकझोर कर रख दिया था।

जैसे ही साहिल और रीतिका नीचे पहुँचे, अघोरानंद और फादर ने उनकी ओर देखा।

उनकी आँखों में कुछ था... कोई रहस्य, कोई ऐसी सच्चाई, जिसे अब छुपाया नहीं जा सकता था।

साहिल और रीतिका ज़मीन पर बैठ गए।

उनकी आँखों में एक ही सवाल था—अब आगे क्या?

फादर और अघोरानंद ने एक-दूसरे को देखा।

आज उन्हें इस परिवार से कोई और बात छुपाने का कोई मतलब नहीं था।

अब सबकुछ सच बताना ही होगा।

 

अघोरानंद ने गहरी सांस ली और बोले, "हम अब तक यह सोच रहे थे कि यह आत्मा तुम्हारे घर में पहले से थी, लेकिन अब हमें पता चला है कि इसे बुलाया गया है।"

साहिल और रीतिका ने एक-दूसरे को देखा।

"किसने बुलाया?" साहिल की आवाज़ काँप रही थी।

अघोरानंद ने धीमे स्वर में कहा, "कोई अपना ही है, जिसने इस आत्मा को तुम्हारी खुशियों को छीनने के लिए बुलाया है।"

यह सुनते ही रीतिका का चेहरा सफेद पड़ गया।

"कोई अपना?"

"हमारा कौन दुश्मन हो सकता है?"

"हमने तो किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा!"

फादर ने गहरी आवाज़ में कहा, "शायद तुमने किसी का कुछ बिगाड़ा नहीं… लेकिन किसी को तुम्हारी खुशियाँ रास नहीं आईं।"

रीतिका के होठ काँप रहे थे।

"लेकिन ऐसा कौन करेगा?"

अघोरानंद ने अपनी आँखें बंद कीं और बोले, "इस आत्मा का मकसद सिर्फ तुम्हें डराना नहीं है… यह आत्मा आन्या के लिए आई है।"

"आन्या के लिए?"

"पर क्यों?"

अघोरानंद ने धीरे से कहा, "आन्या ही वह है, जो इसे खत्म कर सकती है।"

साहिल और रीतिका की आँखों में हैरानी थी।

"आन्या तो सिर्फ एक बच्ची है! वह आत्मा से कैसे लड़ेगी?"

अघोरानंद ने गहरी आवाज़ में कहा, "क्योंकि वह आत्मा सिर्फ उसे ही मारना चाहती है, और सिर्फ वही इसे खत्म कर सकती है।"

"लेकिन वह तो अभी बहुत छोटी है!"

फादर एंथनी ने उनकी ओर देखा और बोले, "यही कारण है कि इसे अभी खत्म नहीं किया जा सकता। अघोरानंद सिर्फ इसकी ताकत को कम कर सकते हैं, इसे कुछ सालों के लिए रोक सकते हैं, लेकिन पूरी तरह से खत्म नहीं कर सकते।"

"तो क्या यह फिर से लौटेगी?"

अघोरानंद ने सिर हिलाया, "हाँ, जब तक आन्या तैयार नहीं होगी, यह आत्मा उसे बार-बार सताने आएगी।"

साहिल और रीतिका की आँखों में बेबसी थी।

"तो अब हम क्या करें?"

फादर ने गहरी आवाज़ में कहा, "हमें इस आत्मा को रोकना होगा, लेकिन खत्म करने की कोशिश नहीं करनी होगी। क्योंकि अगर हम इसे अभी खत्म करने की कोशिश करेंगे, तो यह और भी शक्तिशाली होकर लौटेगी।"

"लेकिन जब तक आन्या बड़ी नहीं होगी, तब तक अगर यह आत्मा उसे मारने आ गई तो?"

अघोरानंद ने पहली बार हल्की सी मुस्कान दी।

"नहीं, ऐसा कभी नहीं होगा।"

"क्यों?"

"क्योंकि आन्या को कोई भी आत्मा छू नहीं सकती।"

फादर और साहिल चौंक गए।

"क्यों?"

अघोरानंद की आवाज़ गहरी हो गई, "क्योंकि आन्या सिर्फ एक आम बच्ची नहीं है।"

"मतलब?"

अघोरानंद ने धीरे से कहा, "माया को मोक्ष मिल गया था, लेकिन उसका पुनर्जन्म हुआ।"

"क्या?"

"आन्या ही माया का पुनर्जन्म है।"

साहिल और रीतिका के चेहरे पर हैरानी फैल गई।

"आन्या... माया?"

"हाँ। यही कारण है कि यह आत्मा उसके पीछे है। लेकिन माया ने मोक्ष पाने से पहले एक वचन लिया था। वह इस जन्म में कमजोर नहीं होगी। अब वह खुद को बचाने के लिए तैयार हो रही है। और इसलिए कोई भी आत्मा उसे मार नहीं सकती।"

फादर की आँखों में आश्चर्य था।

"तो क्या यह माया का कर्म है?"

अघोरानंद ने सिर हिलाया, "नहीं। यह उसका भाग्य है।"

साहिल और रीतिका को अब तक समझ में नहीं आ रहा था कि वे इस सच को कैसे स्वीकार करें।

"तो क्या हमारी बेटी का भविष्य पहले से ही लिखा जा चुका है?"

अघोरानंद ने गहरी आवाज़ में कहा,

"भाग्य को बदला नहीं जा सकता। लेकिन उसे समझा और स्वीकार किया जा सकता है। अब यह तुम पर है कि तुम अपनी बेटी को इस सच्चाई के साथ पालोगे या फिर डरकर भागोगे।"

अब फैसला साहिल और रीतिका को लेना था।

क्या वे इस सच को स्वीकार करेंगे?

या फिर यह डर उनकी ज़िंदगी पर भारी पड़ जाएगा?

क्या वे अपनी बेटी के लिए इस लड़ाई में उसके साथ खड़े होंगे?

अब यह सिर्फ आत्माओं की लड़ाई नहीं थी... यह नियति की सबसे बड़ी परीक्षा थी।

जब भाग्य ने सबसे कठिन परीक्षा रखी

कमरे में एक अजीब-सा सन्नाटा था। कोई कुछ नहीं बोल रहा था, लेकिन सबके दिलों में डर और सवालों का तूफान उठ चुका था।

एक छोटी-सी बच्ची... एक मासूम आत्मा... और उस पर इतना भारी संकट?

साहिल अब भी यह सोच नहीं पा रहा था कि आन्या को यह सब क्यों सहना पड़ रहा था?

फादर एंथनी और अघोरानंद एक-दूसरे की ओर देख रहे थे। उन्हें पता था कि अब इस परिवार को इस सच्चाई का सामना करना ही पड़ेगा।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बना हुआ था—आखिर यह आत्मा किसने और क्यों बुलाई?

 

 

क्या कोई अपना ही इस परिवार के लिए खतरे की वजह बन रहा है, और अगर हाँ, तो क्यों? 😨 क्या माया का पुनर्जन्म वास्तव में आन्या के भविष्य को बदल देगा, या यह उसकी जिंदगी को और भी खतरनाक बना देगा? 🔮 क्या साहिल और रीतिका अपने डर को छोड़कर अपनी बेटी के लिए इस अंधेरे से लड़ने के लिए तैयार होंगे? ⚔️

आगे जानने के लिए पढ़ते रहिए रांझन with सफ़र ........